संगठन के दिशा निर्देशों को दरकिनार कर, भाजपा विधायक राकेश पाल के आदेशों का कर रहे अनुसरण ?
केवलारी में भाजपा संगठन नहीं बल्कि, विधायक राकेश पाल का निजी संगठन है मजबूत ?
नाराज जिला अध्यक्ष आलोक दुबे ने मंडल अध्यक्षों को दिखाया “मंडल अध्यक्ष सिवनी” नामक व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर का रास्ता !
केवलारी (हिंद शिला)। जैसे जैसे मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही है । कर्नाटक विधानसभा के चुनाव परिणामो ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है तो वहीं भाजपा एंटी इनकंबेंसी एवं गुटबाजी से परेशान चल रही है । मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिला अंतर्गत आने वाली केवलारी विधानसभा (116) से सामने आ रहा है जहां पर भाजपा से विधायक राकेश पाल एवं भाजपा के अधिकांश निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बीच अंदरूनी तेज टकराव किसी से छिपा नहीं है । जो कि आने वाले विधानसभा चुनाव में गहरा असर डालेगा ।
क्या है मामला
दरअसल भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा द्वारा आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नए मतदाताओं को लुभाने के उद्देश्य से युवा चौपाल कार्यक्रम चलाया जा रहा है जहां पर उनका लक्ष्य है की मध्य प्रदेश के प्रत्येक गांव प्रत्येक वार्ड एवं प्रत्येक नगर में युवा चौपाल कार्यक्रम का आयोजन कर क्षेत्र के युवाओं से सीधा संवाद स्थापित किया जाए । इसी कड़ी में विगत कुछ दिनों पूर्व नगर परिषद केवलारी मुख्यालय में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की उपस्थिति में युवा चौपाल का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। जिसमें विधायक राकेश पाल द्वारा कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया गया एवं उन पर आरोप है कि कार्यक्रम को सफल बनाने की अपेक्षा उल्टा कार्यक्रम को विफल करने का प्रयास किया गया । कार्यक्रम के दौरान केवलारी विधानसभा एवं उनके ख़ास समर्थक जिसमें मंडलों के अनेक मुख्य पदाधिकारी भी शामिल हैं, वह केवलारी मुख्यालय के समीपस्थ ग्रामो में जनसंपर्क करते नजर आए एवं सोशल मीडिया पर फोटो वायरल करते नजर आए थे, इतना ही नहीं विधानसभा केवलारी के अंतर्गत अन्य स्थानों पर भी युवा चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, किंतु उन समस्त कार्यक्रमों में भी ना तो केवलारी विधायक और ना ही सभी मंडलों के उनके ख़ास समर्थक शामिल हुए जिसमें संगठन की गुटबाजी स्पष्ट नजर आई थी । हमारे विश्वसनीय सूत्रों की माने तो आने वाले विधानसभा चुनाव में संगठन में गुटबाजी को देखते हुए एवं घटती लोकप्रियता के कारण वर्तमान विधायक राकेश पाल की टिकट कट सकती है इसी वजह से केवलारी विधायक द्वारा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार को अपना प्रतिद्वंदी के रूप में देख रहे हैं, इसी वजह से वह उनके कार्यक्रम का बहिष्कार कर रहे हैं, उनकी लोकप्रियता को बट्टा लगाने का कार्य कर रहे हैं । जब पूरा मामला भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के पास पहुंचा तो भाजपा से सिवनी जिला अध्यक्ष आलोक दुबे द्वारा केवलारी विधानसभा के कुछ मंडल अध्यक्षों को “मंडल अध्यक्ष सिवनी” नामक व्हाट्सएप ग्रुप से रिमूव कर अपनी नाराजगी व्यक्त की गई, अब ज़िला अध्यक्ष द्वारा मंडल अध्यक्षों को उक्त व्हाट्सएप ग्रुप से रिमूव करने का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसकी पुष्टि हम (हिन्द शिला न्यूज़) नहीं करते, हालांकि दावा किया जा रहा है विवाद बढ़ता देख बाद में उक्त समस्त मंडल अध्यक्षों को ग्रुप में पुनः शामिल कर लिया गया है।

इन मंडल अध्यक्षों को किया गया रिमूव ।
सोशल मीडिया में वायरल हो रही स्क्रीनशॉट के अनुसार केवलारी मुख्यालय के मंडल अध्यक्ष सचिन अवधिया को उक्त व्हाट्सएप ग्रुप से रिमूव किया गया है, यह वही सचिन अवधिया है जो कि भाजपा संगठन के द्वारा तय की गई गाइडलाइन के विरुद्ध मंडल अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं ! इसके अलावा केवलारी विधानसभा क्षैत्र के अंतर्गत आने वाले पलारी मंडल के अध्यक्ष कृष्ण कुमार ठाकुर, कान्हीवाड़ा मंडल अध्यक्ष योगेश चंद्रवंशी एवं तीन अन्य लोगों को ग्रुप से रिमूव किया गया था । बाद में किस-किस मंडल अध्यक्ष को जोड़ा गया है इसकी पुष्ट जानकारी हमारे पास नहीं है ।
कांग्रेस आए हैं विधायक राकेश पाल ।
दरअसल केवलारी विधानसभा से वर्तमान भाजपा विधायक राकेश पाल प्रदेश सरकार के समय कांग्रेस में थे। सरकार बदलते ही कुछ वर्ष बाद भाजपा में शामिल हो गए ! जिन्हें भाजपा ने स्वीकार करते हुए उन्हें पहले सिवनी जिला अध्यक्ष पद से नवाजा एवं बाद में केवलारी विधानसभा से टिकट देकर उन्हें विधायक बनने का सौभाग्य दिलवाया। अनेक भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की मानें तो उसके बाद से ही दल बदलने वाले राकेश पाल मद में चूर हो गए एवं विधानसभा के अधिकांश निष्ठावान कार्यकर्ताओं की खुली उपेक्षा कर अंदर ही अंदर भाजपा के समकक्ष अपना अलग संगठन तैयार करने में जुट गए ! उन पर यह भी संगीन आरोप है कि कुछ भाजपा के कार्यकर्ता जो उनका कहना नहीं मानते थे संगठन के ही दिशा निर्देशों का पालन किया करते थे, उन पर फर्जी एफ आई आर दर्ज करवाई गई हैं, उनका जिला बदर करवाने का प्रयास किया गया है ! दावा किया जा रहा है, अब उनके परिजन समय का इंतजार कर रहे हैं एवं कह रहे हैं कि भाजपा ने यदि पुनः वर्तमान विधायक राकेश पाल पर दांव खेला तो उनका हारना लगभग तय है !


