नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रार पर लगे आरोपों की जांच कर कार्रवाई करे सरकार।
रजिस्ट्रार पर आरोपों की जांच कर, लो एक्शन
मामला लंबित रहने तक ना किया जाए कोई बदलाव।
हिन्द शिला:-मध्यप्रदेश में नर्सिंग घोटाले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई हाईकोर्ट ने सरकार को नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार अनीता चांद पर लगे आरोपों की जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट में लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल की जनहित याचिका के साथ सभी अन्य नर्सिंग मामलों की सुनवाई प्रिंसिपल बेंच में जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल की विशेष पीठ ने की याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए आवेदन जिसमें नर्सिंग काउंसिल की वर्तमान रजिस्ट्रार अनीता चांद के विरुद्ध आरोप लगाए गए थे कि उनके द्वारा अनसूटेबल नर्सिंग कॉलेज का निरीक्षण कर सूटेबल दर्शाकर मान्यता प्रदान की गई थी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हुए उन्हें रजिस्ट्रार बना दिया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता के आरोपों की जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
सुनवाई में हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से महाधिवक्ता को कहा है कि PIL लंबित रहने तक सरकार के द्वारा नियमों में व्यवस्था में किए गए किसी भी प्रकार के बदलाव नहीं किए जाएं। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से यह स्पष्ट हो गया है कि नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की संबद्धता का नियंत्रण जो कि सरकार ने अधिनियम में संशोधन करते हुए क्षेत्रीय विश्वविद्यालय को सौंप दी थी, वो सत्र 2024-25 में लागू नहीं हो सकेगा।



