मेला ठेकेदार, व्यापारी एवं क्षेत्रीय लोग दे रहे आंदोलन की चेतावनी !
केवलारी (हिन्द शिला) । सिवनी जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत केवलारी के पुलिस थाना उगली क्षेत्रांतर्गत बहुत प्रतिष्ठित संगम मेला कार्तिक पुर्णिमा के बाद से प्रतिवर्ष आयोजित होता है, इस वर्ष यह मेला दिनांक 01 से 10 दिसंबर के बीच कार्यालय जनपद पंचायत केवलारी द्वारा निर्धारित किया गया था। लेकीन उक्त दिनांक में खराब मौसम के चलते बारिश हो जाने के कारण यह मेला बेहत्तर ढंग से आयोजित नहीं हों पाया, मेले में आये व्यापारियों, झूला , सर्कस संचालक एवं अन्य सभी ने मिलकर शासन प्रशासन से मेले की तिथी बढ़ाने के लिये लिखित आवेदन हस्ताक्षर सहित करवा कर निवेदन किया था ,क्योंकी बारिश के कारण सभी को नुक्सान हुआ है । आपको बता दें की उक्त मेले का सुव्यवस्थित संचालन हेतु शासन द्वारा ठेका दिया जाता , मेले में आए व्यापारी एवं दर्शकों के वाहनों से मेला ठेकेदार वसूली कर रकम बसूलता है। मौसम खराब एवं बारिश हो जाने के कारण व्यापारी अपनी अपनी दूकान लेकर मेला तो पहुंचे किंतु दर्शकों की बेहद कमी रही जिस ठेकेदार को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है ,यदि मेला की तिथी कुछ दिन ओर बढ़ा दी जाती तो उक्त ठेकेदार एवं अन्य व्यापारियों की भरपाई हो जाती । किन्तु उक्त मेला के ठेकेदार राजदीप रंगढले द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि जनपद पंचायत केवलारी के अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर एवं क्षेत्रीय जनपद सदस्य अंशुल जैन के हस्तक्षेप के बाद 10 दिसंबर को ही मेला परिसर में अलाउंस करवा दिया गया की दस दिसंबर से मेला बंद कर दिया जायेगा। आरोप तो यह भी लगाया जा रहा है कि उक्त मेला मेले की तिथि बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय जनपद सदस्य एवं जनपद के अध्यक्ष द्वारा 25000/ रुपए की मांग की जा रही थी जिस मेला ठेकेदार द्वारा नहीं दिया गया तो मेले की तिथि नहीं बढ़ाई गई ! जिसका एक ऑडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है ,जिसमे मेला ठेकेदार राजदीप रांगढाले एवं क्षेत्रीय जनपद सदस्य अंशुल जैन के सहयोगी के बीच आपस में बातचीत हो रही है । इन आरोपों में कितनी सच्चाई है या नहीं कह सकते यह तो जांच का विषय है। यहां पर उल्लेख करना आवश्यक होगा कि इतिहास गवाह है कि पहले भी यह मेला निर्धारित तिथि से 2 – 3दिन बाद तक आयोजित होता था,लेकीन इस बार प्राकृतिक आपदा बारिश के चलते यह मेला नहीं भर पाया है। वार्षिक मेला का लुत्फ उठाने के जो क्षेत्रीय लोग इस मेलें में नहीं पहुंचे हैं वे लोग काफी निराश हैं, क्षेत्रिय लोगों का कहना है मेला की समय अवधि बढ़ाई जाये नहीं तो सभी व्यापारी के साथ साथ मेला ठेकेदार, मेला स्थल पर धरना प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी।


