आरोपी युवक धनोरा थाने के अंतर्गत घोघरी रैयत का है
आरोपी युवक के भाई और पिता के ऊपर भी पूर्व में दुष्कर्म जैसे गम्भीर आरोप लगे
सिवनी ( हिन्द शिला)। एक ओर मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए अनेक प्रकार के अभियान चलाकर खुद को महिलाओं के प्रति संवेदनशील बताती है। वहीं प्रदेश के मुखिया भी स्वयं अपनी लाड़ली बहनों और भांजियों की सुरक्षा का दम्भ भरते नज़र आते हैं। किंतु उनकी सुरक्षा व्यवस्था लचर समझ आ रही है। आज भी प्रदेश में महिला सम्बन्धी अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। महिलाएं स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहीं हैं। उनके साथ हुए अत्याचारों के लिए थाने चौकियों के चक्कर लगा रहीं हैं। किन्तु उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही एक मामला सिवनी जिले के केवलारी थाने के अंतर्गत देखने को मिला। जहां पलारी निवासी 27 वर्षीय एक महिला के साथ धनोरा (घोघरी रैयत) के निवासी अरविंद मरकाम ने शादी का झांसा देकर लगातार तीन वर्षों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। जब युवती ने शादी करने की बात किया तो शादी करने से मना कर दिया तब महिला ने केवलारी थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची तो पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाकर समझौता करवा कर स्टाम्प पेपर में शादी की बात लिखा कर मामले को खत्म कर दिया और युवक ने महिला से आर्य समाज संस्थान में जाकर विवाह कर लिया लेकिन तीन दिन बाद छोड़कर भाग गया, जब महिला ने उसकी खोज खबर लिया तो उसके दोस्तों ने महिला को बताया कि इस युवक ने पहले भी तीन शादी कर चुका है आप चौथी है तब महिला पुनः केवलारी थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत कर एफआईआर करने की बात कही। किन्तु पुलिस ने फिर पल्ला झाड़ते हुए महिला को न्यायालय जाने की बात कही। पीड़ित महिला अपने पिता के साथ सिवनी पुलिस अधीक्षक के पास पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई।
वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी अरविंद मरकाम के पिता सूरत सिंह मरकाम एवं आरोपी का बड़ा भाई ठाकुर सिंह मरकाम के ऊपर भी किसी अन्य महिला द्वारा दुष्कर्म जैसे संगीन आरोप लगाए जा चुके हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि इनका संपूर्ण परिवार ऐसे दुष्कर्म जैसे मामलों में लिप्त है। कहावत भी है कि “जिनके जैसे बाप महतारी उनके वैसे लड़का” इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए आरोपी अरविंद मरकाम ने न जाने कितनी बेकसूर लड़कियों को शादी का झांसा देकर उनके साथ अनैतिक संबंध बनाकर उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा है।
इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित महिला का कहना है कि अरविंद मरकाम अपने पिता सूरत सिंह मरकाम और उसके भाई ठाकुर सिंह मरकाम एवं उनके परिवार वालों के साथ विगत तीन वर्ष पूर्व दो वाहन भरकर उसके घर शादी का रिश्ता लेकर आए थे। रिश्ता तय कर रीतिरिवाज अनुसार हथौना की रश्म अदा की गई। जिसके बाद अरविंद मरकाम निरंतर उसके घर आता रहा और महिला के साथ उसकी मर्जी के बिना उसके साथ शारिरिक सम्बन्ध बनाता रहा। महिला उसे बार-बार शादी के लिए कहती किंतु वह टालते रहा। बाद में उन्होंने शादी के लिए इंकार कर दिया। जिसके बाद पीड़ित महिला केवलारी थाने पहुंची जहां पुलिस ने आरोपी अरविंद मरकाम को बुलाकर एक स्टाम्प पेपर में शपथ पत्र लिखकर दिया कि वह इसी महीने में पीडि़त से शादी कर लेगा। वहीं आरोपी युवक ने आर्य समाज मंदिर का एक वैवाहिक प्रमाणपत्र लाकर दिया और वहां से भाग गया। इसके बाद उसने महिला की कोई खोजखबर नहीं ली। फोन करने पर उसने किसी और महिला से शादी करने की बात कही। जिसके बाद महिला निरंतर थाने चौकियों का चक्कर लगा रही है। लेकिन उसे न्याय नही मिल पा रहा है। पीड़िता का कहना है कि इससे समाज में उसकी छवि धूमिल हुई है। उसका शारीरिक मानसिक एवं आर्थिक रूप से शोषण हुआ है। आरोपी पर सख्त कार्रवाई की जाए। अन्यथा वह शासन प्रशासन के खिलाफ भूख हड़ताल में बैठेगी।
वहीं इस पूरे मामले मे सिवनी पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दे दिया है और उचित कार्यवाही करने के आदेश दिए है। अब देखना ये होगा कि शिवराज सरकार के राज में महिला को कब तक न्याय मिल पाता है ?
*इनका कहना है-*
आवेदिका द्वारा जो आवेदन दिया गया है उस पर वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी केवलारी को प्रेषित किया गया है।
शशिकांत सरयाम-अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिवनी



