भाजपा जिलाध्यक्ष पर भी लग रहे मिलीभगत के आरोप !
सिवनी (हिन्द शिला) । इन दिनों सत्ता के मद में चूर अधिकांश भाजपा नेताओं का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है, वर्तमान परिस्थितियां नियम कानून एवं संविधान को दरकिनार कर जिसकी लाठी उसकी भैंस की ओर इशारा कर रही है । कुछ सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण या यूं कह लें कि उनकी मिलीभगत से सिवनी जिले में लगातार माफिया तंत्र अपनी जड़ें फैला रहे हैं, शासकीय सिस्टम में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे है चाहे वह अवैध खनन या फिर अवैध मादक पदार्थों की बिक्री हो या फिर राजस्व विभाग की मनमर्जी हो सब के सब चरम पर है । यहां तक कि सिवनी जिले में शासकीय पट्ट की भूमि का बगैर सक्षम अधिकारी की अनुमति के भूमि का क्रय-विक्रय हो रहा है, बेखौफ उसका धड़ल्ले से नामांतरण भी हो रहा है । आरोप लगाया जा रहा है कि सत्ताधारी नेताओं के दबाव में लोगों को गुमराह कर उनकी जमीन का विक्रय कर अन्य के नाम पर नामंत्रण किया जा रहा है, ऐसा ही ताजा मामला डोडासिवनी थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोहका से सामने आए हैं जहां पर श्रीमती चेती बाई पति बिहारी नागोत्रा ने आरोप लगाते हुए सिवनी जिला कलेक्टर को एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर जांच की मांग करते हुए कहा है कि आशीष माना ठाकुर जो अपने आप को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का भाजपा सिवनी जिला अध्यक्ष बताता है एवं उसके सगे पुत्र प्रेमचंद पिता बिहारीलाल एवं राजकुमार जैन ने मिलकर उसके साथ धोखाधड़ी कर उसकी जमीन धोखे से अपने नाम दर्ज करा लिया है । एवं उस पर कब्जा कर लिया है । अब न्याय के लिए शिकायतकर्ता दर-दर भटकने को मजबूर है ।
क्या है मामला
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत पत्र पर उल्लेख किया है कि ग्राम कोहका प00नं0 106, रा०नि०मं० सिवनी भाग 2, तह0 व जिला सिवनी स्थित भूमि खसरा नं0 230 / 1 रकवा 0.26 हे0 की मालिक एवं स्वत्वधारी है। उक्त भूमि आवेदिका को उसके माता पिता से प्राप्त हुई है। इस तरह उक्त भूमि आवेदिका के अधिकार की भूमि है। आवेदिका वृद्ध 85 वर्षीय महिला है जो कि, अशिक्षित है तथा विधि की प्रक्रिया से अनभिज्ञ है। आवेदिका को कम सुनाई पडता है एवं ठीक से दिखाई भी नहीं पड़ता है। आवेदिका अपनी वृद्धावस्था के कारण कही गई बातों को ठीक से समझती भी नहीं है। आवेदिका के पुत्र प्रेमचंद द्वारा आवेदिका के साथ धोखाधडी कर माह जनवरी 2023 में उक्त भूमि के 0.20 हे० के संबंध में दानपत्र निष्पादित करा लिया तथा अनावेदक कं0 2 आशीष माना ठाकुर ने आवेदिका की भूमि में से 0.03 हे0 एवं राजकुमार जैन द्वारा आवेदिका की भूमि में से 0.03 हे0 इस तरह कुल 0.06 हे० भूमि के संबंध में पंजीकृत विकय पत्र निष्पादित करा लिया गया। आवेदिका
अशिक्षित ग्रामीण महिला है उसके साथ धोखाधड़ी कर अनावेदकगणों ने उक्त भूमियों का दानपत्र एवं पंजीकृत विकय पत्र निष्पादित कराया है। आवेदिका को दानपत्र एवं पंजीकृत विक्रय पत्र के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। आवेदिका के साथ छल कपट एवं धोखाधडी करते हुये अनावेदकगणों ने उक्त दानपत्र एवं विक्रय पत्र बिना किसी प्रतिफल के निष्पादित कराया। आवेदिका को चार पहिया वाहन में अनावेदकगणों ने ले जाकर आवेदिका को यह कहकर की वह रजिस्ट्रार ऑफिस में पूछने पर हर बात में हा कहते रहे। दानपत्र एवं विकय पत्र निष्पादित करा लिया तथा आवेदिका की जानकारी के बिना अनावेदकगणों ने स्वयं का नाम दर्ज कराकर उक्त भूमियों पर अवैध रूप से हक एवं अधिकार जताकर आवेदिका के साथ छल किया है। अनावेदक कं0 2 आशीष माना ठाकुर बी०जे०पी० का नेता हैं। अपने पद का लाभ उठाते हुये आशीष माना ठाकुर द्वारा आवेदिका के साथ अन्य अनावेदकगणों के साथ मिलकर धोखाधडी कर आवेदिका को बिना कोई राशि दिये आवेदिका की जमीन हड़प ली गई है। वास्तव में आवेदिका अपने तीनों पुत्रों को भूमियों देना चाहती है। उक्त भूमि पर आवेदिका के पुत्र मोहन का मकान बना हुआ है। मोहन की मृत्यु के बाद उसकी पत्नि श्रीमति सुनीता नागोत्रा उक्त मकान में निवास करती हैं। इन सभी तथ्यों के बाबजूद अनावेदकगणों ने धोखाधडी कर आवेदिका की जमीन हड़प ली है। शिकायतकर्ता द्वारा आशंका व्यक्त की गई है कि उसको एवं उसके परिजनों को भाजपा नेता आशीष माना ठाकुर नुकसान पहुंचा सकता है, उनके साथ कोई अप्रिय घटना कर सकता है
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