हिन्द शिला ( उगली):-प्रतिवर्षानुसार दीपावली के बाद कार्तिक पूर्णिमा से दस दिवसिय संगम मेला सिवनी जिले के विधानसभा केवलारी की उपतहसील उगली अंतर्गत सरेखा ग्राम पंचायत के निकट प्रवाहित होने वारी पुंण्य शलीला पतित पावन मां बैन गंगा और हिर्री नदी के संगम तट पर भरता है.
हिर्री, संगम मेला जो धार्मिक दृष्टीकोण से तीन राज्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ और मध्यप्रदेश के मध्य क्षेत्र कहलाता है, यहां प्रति वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण पिंडदान के लिये पहुंचते है, धार्मिक अनुष्ठान और भी अन्य कार्यक्रम के लिय ख्याती प्राप्त है, हिर्री संगम तटीय स्थल
हर वर्ष यहां मेला का रोमांच देखते बनता है, ऐतिहासिक संगम मेला का संचालन जनपद पंचायत केवलारी के द्वारा किया जाता है.
एक विसंगती मेला का प्रतिवर्ष ठेका को लेकर व्यापारी वर्ग में रोष व्याप्त है, क्योंकी प्रतिवर्ष मेला मंहगा होते जा रहा है, विगत वर्ष संगम मेले की नीलामी बैठकी और सायकल स्टेंड का संयुक्त ठेका 4.80 हजार में हुआ था, जिस कारण ठेकेदार को मेला वसूली में बडी परेशानी का सामना करना पडा, दस दिवसिय मेले में बारिश का भी आना जिससे मेला प्रभावित हो गया था, अतः शाषन, प्रशाषन से प्रेस विज्ञाप्ती के माध्यम से हम सभी व्यापारी निवेदन करते हैं, कि मेले की नीलामी को सस्ता किया जाये, जिससे मेला की गरिमा बनी रहे.
उगली क्षेत्र का गौरव है, संगम मेला
हर छोटा -बडा व्यापारी, झूला, सर्कश, मीना बाजार सभी इस मेले व्यापार करके जायें.किसी को नुकसान ना हो मेला में बोली लगाने वाले भी अनाप, शनाप बोली ना लगायें जिससे मेला मंहगा हो.
जनपद पंचायत केवलारी को होती है, लाखों की इनकम….
मेला स्थल पर मूलभूत सुविधायें व्यापक नहीं है, पेय जल, बिजली सबसे महत्तवपूर्ण बात मेन रोड से मेला स्थल तक पक्की सडक नहीं है, बरसात होने के कारण रोड में किचड बन जाता है, जनपद पंचायत केवल मुरम डालकर खाना पूर्ती करती है, मेले का मुख्य भाग भूमाफियाओं वारा जबरन कब्जा कर मेले की जमीन पर कब्जा कर अतिक्रमण कियअ गया है, जिसका भी सीमांकन होना चाहिये, जिससे मैदान समतलीकरण यदी हो जाता है, तो मेला स्थल के अंदर रोड संकरी नहीं रहेगी, जिससे मेले का सौंदर्यीकरण काफी अच्छा हो सकता है, आदी बातों को जनपद पंचायत केवलारी विशेष रुप से ध्यान देकर व्यवस्था बना सकती है.
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी और मेले में पहुंचने वाले व्यापारियों ने मेले को सस्ता कर मूलभूत सुवधाओं के लिये आवाज उठाई है.
पूर्व के ठेकेदार हो जाते है, डिफाल्टर
मंहगा मेला होने से ठेकेदार जनपद पंचायत को पूरी राशी नहीं पटा पाते जिसकी वजह से डिफाल्टर की श्रेणी में आ जाते हैं, बहुत से ठेकेदार आगे भविष्य में स्थानिय चुनावों से भी वंचित रहते हैं, डिफाल्टर होने की वजह से इसिलिये भी मेला को सही में सस्ता होना चाहिये.
जिला कलेक्टर महोदया जी से मेले के समष्त व्यापारीयों ने निवेदन किया है, कि इस वर्ष संगम मेला को सस्ता कर मूलभूत सुविधायें जनपद पंचायत केवलारी से उपलब्ध करवायें नहीं तो हम सह मेला में आने वाले व्यापारी हिर्री संगम मेला का बहिष्कार करेंगे.


