शिकायत के उपरांत दिया त्यागपत्र ।
शिकायत पर जिम्मेदारों द्वारा नहीं की जा रही कार्रवाई !
महिला एवं बाल विकास विभाग केवलारी का है मामला।
ग्रामीणों ने नव नियुक्ति पर भी किए सवाल खड़े ।
हिन्द शिला ( सिवनी):-इस वक्त बड़ी खबर सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड से आ रही है जहां पर शिकायतकर्ता ग्राम खापा निवासी उर्मिला उईके के अनुसार कार्यालय परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग केवलारी के अंतर्गत आने वाले आंगनवाड़ी केंद्र खापा में पदस्थ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती यामबती डेहरिया को कार्यालय जिला परियोजना अधिकारी सिवनी द्वारा दिनांक 31/03/ 2023 को सेवा निवृत होने का आदेश जारी कर दिया गया था ।
शिकायतकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया कि यामबती डेहरिया द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों से सांठ गांठ कर शासन को धोखा देकर फर्जी जन्म तारीख दिनांक 10/03/1963 के आधार सेवानिवृत्ति ना होकर उसी आंगनवाड़ी में दिनांक 04/12/2023 तक कार्यरत रही एवं वेतन प्राप्त करने का क्रम जारी रहा ।
शिकायत के उपरांत मामला तूल पकड़ता देख उक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा विभाग को अपना त्यागपत्र दे दिया गया जिसे कार्यालय परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास परियोजना केवलारी द्वारा दिनांक 4 दिसंबर 2023 को स्वीकार कर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई ।
शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 9 माह तक शासन को धोखे में रखकर , फर्जी दस्तावेजो के सहारे शासकीय नौकरी की गई है।
इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा उक्त आंगनबाड़ी केंद्र पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में श्रीमति अंगूरी झरिया की नई नियुक्ति कर दी जाती है । जिनके पति कार्यालय महिला एवं बाल विकास परियोजना केवलारी में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में पदस्थ हैं ।
जिस पर दिनांक 02/10/2024 को ग्राम सभा में अनेकों ग्रामीणों के समर्थन से एक प्रस्ताव पारित होता है, जिस पर उल्लेख किया जाता है कि वर्ष 2023- 24 में संबंधित विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के आंगनबाड़ी केंद्र खापा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई है । एवं ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर मांग की गई है कि उक्त संपूर्ण मामले की जांच होनी चाहिए।
आपको बता दें कि शासकीय प्राथमिक शाला बाँकि, तहसील एवं जिला सिवनी के दाखिल पंजी क्रमांक 1687 के अनुसार उक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती यामबती डेहरिया की जन्म तारीख 10/03/1961 हैं, जबकि उनके
अपनी जन्म तारीख 10/03/1963 बताई गई हैं।
अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि मामला सार्वजानिक होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उक्त मामले को संज्ञान में लेकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है या शासन को गुमराह कर मिली भगत का यह क्रम निरंतर जारी रहता है यह तो समय की गर्त में छिपा है


