किसान पंचायत प्रतिनिधि परेशान
केवलारी- पंचायत ग्रामीण विकास विभाग मध्यप्रदेश शासन का महत्वपूर्ण विभाग जनपद पंचायत में दीमक लग गई है ऐसा कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी ! पूर्व जनपद पंचायत सीईओ सुमन खातरकर के कार्यकाल से जनपद पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार केवलारी जनपद को शर्मसार करती है। विदित है केवलारी जनपद के अंतर्गत 346 खेत तालाब स्वीकृत किए गए थे ,जिनको पूर्ण बताया गया है, जिसमें से 262 की सीसी सहायक यंत्री द्वारा ऑनलाइन जारी कर कार्य को नियम विरुद्ध मनरेगा पोर्टल से डिलीट कर दिया गया ।जबकि उक्त कार्य हितग्राही मूलक है, एवं हितग्राही को साइन बोर्ड, लूजनिंग एवं पाइप का भुगतान कराया ही नहीं गया है। मनरेगा में साइन बोर्ड का प्रावधान, लूजनिंग मिट्टी का 3•15 पैसे क्यूबिक मीटर के हिसाब से भूगतान एवं आउटलेट इनलेट में पाइप का प्रावधान अनिवार्य है। इस प्रकार राशि4000 साइन बोर्ड के, लूजनिंग के10000 से 12000 रुपए क्वांटिटी के आधार पर, एवं पाइप के भुगतान 12 से 15000 रुपए ऐसा कुल 22 हजार से लेकर 30 हजार प्रति खेत तालाब पर सामग्री का भुगतान का प्रावधान है एवं हितग्राही को भुगतान किया जाना है। कार्य हितग्राही मूलक है। जिसमें हितग्राही द्वारा पाइप लगाए गए हैं एवं लूजनिंग का कार्य कराया गया एवं साइन बोर्ड भी बनाया गया है नियम विरुद्ध ऑनलाइन सहायक यंत्री श्रीमती दुर्गा कुमरै द्वारा सीसी की कार्रवाई ऑनलाइन सीसी कर मनरेगा पोर्टल से डिलीट कर दिया गया है । लगभग 80 लाख रुपए का भुगतान हितग्राहियों का करेगा कौन जब मनरेगा पोर्टल से कर ही डिलीट कर दिया गया है तो बिल लगने का सवाल ही नहीं होता क्योंकि अब तो बिल मनरेगा पोर्टल पर भी फीड नहीं हो सकते, ऐसे ही किसान वर्षा एवं किसानी के कर्ज से जूझ रहा है। किसान के 30 हजार का भुगतान कहां से होगा। मनरेगा पोर्टल से डिलीट होने की बास्तविकता की जानकारी के लिए जनपद पंचायत ऐई -को फोन लगाया गया लेकिन फोन नही उठा । सोची समझी योजना से खेत तालाब निर्माण मे हुये फर्जीबाड़ा- की जांच हो ओर सहायक यंत्री को निलंबित करते हुए बासूली कर हितग्राहियों का भुगतान कराये जाने कि मांग की गयी है।
इनका कहना है
खेत तालाब निर्माण कार्य पूर्ण हो गये है इसीलिए डिलीट हो गये है।
ओंकार सिंह ठाकुर
सीईओ जनपद पंचायत


