जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत, ग्राम पंचायत झगरा का है मामला, प्रांशु बघेल द्वारा ज़िला कलेक्टर को दर्ज़ कराई गई है शिकायत।
जांच में पहुंचे अधिकारी, शिकायत को पाया सही, जल्द उचित कार्यवाही का दिया आश्वासन
केवलारी(हिन्द शिला) । अवैध उत्खनन रोकने के लिए जिला कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद भी केवलारी राजस्व क्षेत्र में शासकीय भूमि पर लगातार अवैध उत्खनन के मामले सामने आ रहे है, जिसमे ग्रामीणों ने साफतौर में आरोप ग्राम पंचायत के सरपंच,सचिव,पटवारी,उपयंत्री पर आरोप लगाए है की राजस्व की शासकीय भूमि पर सबकी मिलीभगत से मुरम निकालकर मुरम लाखों रुपए में बेची जा रही है,वाकई चोरपिपरिया में खसरा नंबर 253 पर परकुलेशन टैंक के निर्माण कार्य के आस पास शासकीय प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए खनिज विभाग की अनुमति के बगेर कई सैकड़ो डंपर और ट्रालियों की मदद से मुरम अवैध परिवहन करके बेच दिया गया, इतना ही नहीं खुद को बचाने के लिए थोड़ी बहुत मुरम सार्वजनिक क्षेत्र में जनहित के लिए भी दे दी गई जिससे यह बताया जा सके कि हमने मुरम निकालकर गांव के विकास के लिए लगाया अब इस झूठ का भी पर्दाफाश जब हुआ ग्राम पंचायत झगरा के अंतर्गत आने चोर पिपरिया में काफी गहरे पानी के गड्डे हैं गांव के अंदर ही है जिसके लिए ग्रामीणों के द्वारा काफी बार सरपंच को और पंचायत प्रतिनिधियों को भी बताया गया कि पर मुरम डाल दी जाए पर नहीं डाली गई। कि किसी तरह ग्राम झगरा 639/2 नाला के पास मिट्टी खोदकर बेच दी गई जिससे आसपास के किसानो को बिना कोई सूचना के उनकी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया गया विद्युत के खंबे भी अधर में देखने को मिले, या सरपंच के द्वारा वहा भी स्वयं लाभ के लिए उपयोग कर लिया गया लेकिन प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं किया।
शिकायत के बाद जगा राजस्व विभाग
जब 18 जून 2024 को मोहित एवं प्रांशु बघेल ने लिखित शिकायत ज़िला कलेक्टर सिवनी के समक्ष दर्ज़ कराई गई थीं जिसके बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के निर्देशन में 27/6/ 2024 को केवलारी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत झगरा में चोर पिपरिया में पंचायत के द्वारा अवैध उत्खनन पर एक जांच दल गठन किया गया जिसमें तहसीलदार सतीश चौधरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओमकार ठाकुर और खनिज निरीक्षक श्रीवंती परते को जांच प्रतिवेदन में पंचनामा सहित स्पष्ट अभीमत सहित तीन दिवस के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए आदेश किया गया।
जांच में तहसीलदार की जगह नायब तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी की जगह सहायक यंत्री, और माइनिंग इंस्पेक्टर जांच करने के लिए जब शिकायतकर्ता के अनुसार जांच दल भी देखकर हैरान हो गए।
क्षेत्रभर में कई जगह में अवैध उत्खनन शिकायत के बाद भी माइनिंग अधिकारी ने कभी नहीं दी ध्यान अब जांच दल में शामिल!
अनुविभागीय राजस्व अधिकारी केवलारी के संज्ञान लेने के बाद जब जांच उक्त विषय पर की जा रही है तो माइनिंग अधिकारी इस जांच दल में जांच करते नजर आई उक्त पूरे केस में क्या निष्पक्षता के साथ जांच और कार्रवाई हो पाएगी या अब खनिज अधिकारी की भूमिका पर सवाल खड़े करता है इसका प्रमुख कारण है कि पूर्व में भी कई बार माइनिंग इंस्पेक्टर को सूचना देने के लिए संपर्क किया जाता है लेकिन माइनिंग इंस्पेक्टर के मोबाइल स्विच ऑफ या फोन नहीं उठाने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की है।
इनका कहना है
ग्राम पंचायत झगरा के सरपंच के द्वारा परर्कुलेशन टैंक के नाम से कई लाखों का मुरम अवैध उत्खनन करके बेच दिया गया है, जिसकी शिकायत मेरे द्वारा अनुविभागीय (राजस्व) अधिकारी को गई है, जिसकी उपरांत अधिकारियो द्वारा जांच कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया जा रहा है।
– प्रशांत प्रांशु बघेल, शिकायतकर्ता
खनिज विभाग से किसी भी प्रकार की कोई अनुमति लिए बिना अवैध उत्खनन ग्राम पंचायत झगरा के सरपंच के द्वारा किया गया है, उसकी शिकायत प्राप्त हुई थी जांच करने के बाद कार्यवाही की जावेगी ।
– श्रीवंति परते माइनिंग इंस्पेक्टर खनिज विभाग सिवनी
अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के निर्देशन में हम ग्राम पंचायत झगरा पहुंचे वाकई में अवैध उत्खनन का मुरम बेचने का मामला एवं बिना किसी शासकीय प्रक्रियाओं के बिना किसान की फसलों को नुकसान पहुंचाया गया है अब यह सब जांच का विषय है जांच होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी
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