spot_img
Wednesday, April 22, 2026

सीईओ सुमन खातरकर के कार्यकाल में 75 लाख़ तो ओमकार ठाकुर के कार्यकाल में 43 लाख़ का हुआ है संदिग्ध भुगतान 

- Advertisement -spot_img

भ्रष्टाचार के मुख्य सूत्रधार को छोड़ लेखापाल अधिकारी को बनाया जा रहा है बलि का बकरा

जांच के नाम पर की जा रही है खानापूर्ति ? जांच के तथ्यों से शिकायतकर्ता को नहीं किया जा रहा है अवगत !

केवलारी (हिन्द शिला) । मामला सिवनी जिले के अंतर्गत आने वाली जनपद पंचायत केवलारी का है जहां पर हमारे अखबर के संपादक पत्रकार संजीत सिंह बघेल जी द्वारा सिवनी जिला कलेक्टर महोदय को मय प्रमाण लिखित शिकायत दर्ज कर कराई गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कार्यालय जनपद पंचायत केवलारी में तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत केवलारी एवं लेखापाल अधिकारी की मिलीभगत से 1,15,80,824/ रुपयों से भी अधिक के संदिग्ध भुगतान हुआ हैं । जिसमें जनपद पंचायत केवलारी में पदस्थ पूर्व सीईओ श्रीमति सुमन खातरकर जी के कार्यकाल में लगभग 75 लाख़ रुपयों का तो वर्तमान सीईओ ओमकार ठाकुर के कार्यकाल में लगभग 43 लाख़ रुपयों का भुगतान संदिग्ध हुआ है। आपको बता दें कि जनपद पंचायत केवलारी में 2020 से दिसंबर 2022 तक केवलारी में जनपद सीईओ के रुप में श्रीमति सुमन खातराकर जी पदस्थ थीं, जिनके कार्यकाल से इस भ्रष्टाचार की शुरुआत हुईं हैं । उल्लेखनीय होगा कि उक्त लिखित वित्तीय वर्ष से ही फर्जी फर्मों/निजी संस्थानों का षडयंत्र पूर्वक कागजों में निर्माण कर उन्हें भुगतान प्रारंभ हुआ है । जनपद पंचायत केवलारी पूर्व सीईओ श्रीमति सुमन खातरकर वित्तीय अनियमितता को लेकर ईओडब्‍ल्‍यू जबलपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधित 2018 की धारा 7 (सी) के तहत भी अपराध दर्ज किया गया है। इसके बाद कार्यालय जनपद पंचायत केवलारी में सीईओ के रुप में ओमकार ठाकुर जी की पदस्थापन हुईं हैं जिनके कार्यकाल में भी, भ्रष्टाचार की परंपरा ज़ारी रही और इनके द्वारा भी दिसंबर 2022 से 2024 तक 43 लाख़ रुपयों का संधिग्ध भुगतान किया गया है। किन्तु जांच अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार के मुख्य सूत्रधारों को छोड़ केवल लेखपाल अधिकारी को बलि का बकरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है यहां तक की नियम अनुसार जांच के प्रत्येक तथ्यों से शिकायतकर्ता को अवगत कराने के नियम हैं, किंतु जांच अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ता को किसी भी जांच से संबंधित तत्वों से अवगत नहीं कराया जा रहा है, जिससे अनेक आशंकाएं जन्म ले रही हैं । जन चर्चा है कि यदि जिला पंचायत में पदस्थ समस्त जिम्मेदार अधिकारी यदि इतने ही ईमानदार एवं अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्ण निष्ठावान होते तो कार्यालय जनपद पंचायत केवलारी में इतना बड़ा भ्रष्टाचार कैसे संभव हो पाता?

- Advertisement -spot_img
For You
- Advertisement -spot_img

क्या यूपी में नकल करने वाले छात्रों पर NSA लगाने का फैसला सही है?

View Results

Loading ... Loading ...
Latest news
Live Scores
Home
पढ़िए
सुनिए
विडियो
शो