कमीशन रूपी लोरी सुन कुंभकरणी नीद में सो रहें है जिला शिक्षा अधिकारी ?
जिले के आधा सैकड़ा शासकीय विद्यालयो में हुआ है ,स्मार्ट क्लास के नाम पर फर्जीवाड़ा ?
सिवनी (हिन्द शिला) भ्रष्टाचार एक व्यापक समस्या है जो हमारे देश में कई दशकों से चिंता का विषय बना हुआ है। लालच और असंतुष्टि, देश का लचीला कानून भी भ्रष्टाचार की मुख्य वजह है। देश के लिए विकास यात्रा की राह में भ्रष्टाचार एक बड़ा अवरोध है। सत्ताधारी नेताओं द्वारा मंचों से भ्रष्टाचार से मुक्ति के केवल बड़े बड़े दावे किए जाते हैं भ्रष्टाचार पर काबू पाना किसी के वश में नहीं है। भ्रष्टाचार गरीबों और कमजोर लोगों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाता है। भ्रष्टाचार करने वाला व्यक्ति अपने निजी लाभ के लिए देश की संपत्ति का शोषण करता है। भ्रष्टाचार के कई रूप हैं, जिनमें रिश्वतखोरी, गबन, भाई-भतीजावाद, सत्ता का दुरुपयोग और धोखाधड़ी शामिल है। वर्तमान में लोकसभा चुनावों के दौरान इलेक्टोरल बॉन्ड, चंदा दो धंधा लो जैसे शब्द राजनैतिक नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के तौर पर जनता के बीच काफी चर्चा में रहे, जो भ्रष्टाचार को ही रेखांकित करता हैं ।
देश में प्राकृतिक संसाधन, मानव बल के साथ साथ भौतिक संसाधन होने के बाद भी देश के विकास में भ्रष्टाचार दीमक की तरह लग गया है। यह न सिर्फ देश को गरीब और लाचार बनाता जा रहा है, बल्कि कई नए तरह के संकट जैसे समाज में वैमन्य, असंवेदनशीलता और असहयोग की भावना भी सामने ला रहा है। रिश्वत की लेन-देन, गबन, घोटाला, चुनाव में धांधली, भाई-भतीजावाद, नागरिकों द्वारा टैक्स चोरी, घूसखोरी, राशन में मिलावट आदि देश में समान्य हों गया है। इससे सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास की हानि हो रही है, कानून का शासन कमजोर होता जा रहा है और कागज़ी विकाश को छोड़े तो आर्थिक विकास में बाधा आ रही है। मंचों से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के विभिन्न प्रयासों के बावजूद, यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। भ्रष्टाचार के मुद्दे से निपटने के लिए निरंतर सतर्कता और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है जो अभी किसी भी राजनेतिक पार्टी में दिखाई नहीं दे रही है। इसका ताजा उदाहरण मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से सामने आ रहा है जहां पर आधा सैकड़ा से भी अधिक शिक्षा के मंदिर (शासकीय विद्यालयो) में स्मार्ट क्लास के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है। जिसकी मय प्रमाण लिखित शिक़ायत हमारे अख़बार के संपादक पत्रकार संजीत सिंह बघेल जी द्वारा सिवनी जिला शिक्षा अधिकारी एस एस कुमरे के समक्ष दर्ज कराई गई है किन्तु ज़िला शिक्षा अधिकारी सिवनी द्वारा इस विषय को गंभीरता से न लेते हुए मामले में लापरवाही बरती जा रही है। जिससे प्रतित होता है भ्रष्टाचार का कुछ हिस्सा इन तक भी पहुंचाया गया है।
क्या है मामला
उल्लेखनीय होगा कि हमारे अख़बार के संपादक पत्रकार संजीत सिंह बघेल जी द्वारा, ज़िला शिक्षा अधिकारी सिवनी के समक्ष दर्ज कराई गई अपनी शिकायत पर उल्लेख किया है वर्ष 2021 में विधायक निधि से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमाकोला, ज़िला सिवनी में छात्र- छात्राओं के शिक्षण हेतु स्मार्टक्लास प्रोजेक्ट की सामग्रियों का 2,25,000/ रुपयों की लागत से क्रय किया गया है जिसमें शासन के नियम अनुसार क्रियान्वयन एजेंसी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमाकोला के तत्कालीन प्राचार्य हैं । कार्यालय कलेक्टर (जिला योजना एवं सांख्यिकी) सिवनी (मध्य प्रदेश) ज़ारी आदेश क्रमांक 568/जीयोसां/प्र.स्वी./वि.नि./2020- 21 में स्पष्ट नियम एवं शर्त उल्लेख है कि उक्त विधायक निधि की राशि से सामग्री का क्रय करने में मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियम 2015 (संशोधित) का पालन किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद भी क्रियान्वयन एजेंसी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमाकोला के तत्कालीन प्राचार्य द्वारा मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियम 2015 का पालन नहीं किया गया एवं अपने निज स्वार्थ को पुरा करने एवं एक व्यक्ति विशेष लाभ पहुंचाने की चलते अनेक नियमों को ताप पर रख उक्त विद्यायक निधि से अत्यधिक दरों पर गुणवत्ताहीन सामग्रियों का क्रय किया गया है जो की वित्तीय अनिमित्ता के दायरे में आता है । यहां तक कि क्रियान्वयन एजेंसी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमाकोला द्वारा दर्शाया गया है कि उक्त विधायक निधि से प्राप्त राशि से स्मार्टक्लास की सामग्रियों का क्रय शासन के GEM पोर्टल से किया गया है ,जबकि यह पूर्ण रूप से भ्रामक है , उक्त क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा शासन के GEM पोर्टल से सामग्रियों का क्रय किया ही नहीं गया है और ना ही क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा GEM पोर्टल से विधिवत कोटेशन प्राप्त किए गए हैं। क्रियान्वयन एजेंसी के पास ना ही वैध GEM पोर्टल से प्राप्त सामग्रियो के तुलनात्मक कोटेशन है और ना ही वार्क यह सप्लाई आर्डर की प्रति है। कार्यालय कलेक्टर (जिला योजना एवं सांख्यिकी) सिवनी (मध्य प्रदेश) एवं वरिष्ट अधिकारियो को गुमराह करने के लिए षडयंत्र पूर्वक कूट रचित दस्तावेज तैयार किए गए हैं ।
निविदा एवं टेंडर प्रक्रिया के पालन किए बगैर सिवनी जिले को छोड़कर अन्य जिले छिंदवाड़ा से क्रय की गई सामग्री
उक्त क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियम 2015 का उल्लंघन करते हुए बगैर निविदा का प्रकाशन ,टेंडर प्रक्रिया का पालन किए बगैर सिवनी जिले को छोड़कर केवल अन्य जिले छिंदवाड़ा पर ही स्थित निजी संस्थानों से कोटेशन प्राप्त कर उसी जिले की एक निजी संस्थान ADI COMPUTER, पता m- 15 mezz floor mansarovar complex bus stand, chhindwara (m.p.) से सामग्रियों का क्रय किया गया है । क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा सिवनी जिले स्थित निजी संस्थानो से सामग्रियों का क्रय करने से पूर्व कोटेशन क्यों नहीं लिए गए ? सभी कोटेशन केवल छिंदवाड़ा जिले से ही क्यों लिए गए? एवं कोटेशन प्राप्त करने में हुए व्यय के संबंध में भी कोई उल्लेख नहीं किया गया है ,यह एक अहम सवाल है एवं भ्रष्टाचार एवं अनियमिताओं की ओर इशारा करता है ।
जमीनी हकीकत में नहीं है कोई अस्तित्व ?
प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा लगए गए Jain Computer Gallerey पता – m- 15 mezz floor mansarovar complex bus stand, chhindwara (m.p.) एवं Help Line Computer पता – jee jee Bai complex Shop no.35 parasiya road chhindwara (m.p.) का जमीनी हकीकत में कोई अस्तित्व नहीं है यह केवल षडयंत्र पूर्वक कागजों में निर्माण कर सामग्री सप्लायर से मिलीभगत कर नियमों विरुद्ध सामग्रियों का क्रय किया गया है। जो की उक्त एजेंसी /निजी संस्थानों के भौतिक सत्यापन से स्पष्ट हो जाएगा।



