केवलारी नगरीय क्षेत्र में दर्जनों अवैध कालोनियां हो रही विकसित, उन पर कब गिरेगी गाज ?
केवलारी (हिन्दी शिला)। सिवनी जिले के पद्मावती डेवलपर्स के संचालक पंकज मालू पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद केवलारी ने 420 का मामला दर्ज कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंकज़ मालू पर आरोप है कि उनके द्वारा कालोनी में सुविधा के नाम पर प्लाट बेचे गए हैं। लेकिन लोगो को सुविधाएं उपलब्ध नही कराई गई। एफआईआर में उल्लेख है कि पंकज मालू ग्राम डोकररांजी पटवारी हल्का नंबर 21/26 राजस्व निरीक्षक सिवनी, ड्रीमसिटी कालोनी ग्राम डोकररांजी तहसील केवलारी के संचालक एवं मैनेजिंग पार्टनर हैं। जिनके द्वारा ग्राम डोकररांजी प्.ह.न. 21/26 रा.नि.म. केवलारी तहसील केवलारी की भूमि खसरा – नंबर 83/1 रकबा 1.98 हेक्टेयर तथा खसरा – नंबर 83/2 रकबा 2.80 हेक्टेयर कुल 4.78 – हेक्टेयर पर आवासीय कालोनी का निर्माण – किया जा रहा है। एवं प्लाटिंग कर भूमि का विक्रय किया जा रहा है। पंकज मालू के पक्ष में अनुविभागीय अधिकारी केवलोरी द्वारा दिनांक 26. 03.2012 को भूमि के कालोनी प्रयोजन हेतु व्यपवर्तन की स्वीकृति दिनांक 26.03.2012 को प्रदान की गई थीं। जहां कई प्रकार का विकास एवं सुविधाओं का प्रलोभन देकर बिना विकास अनुज्ञा प्राप्त किये 11 वर्ष पश्चात भी विकास कार्य पूर्ण नहीं किया जाना तथा लगातार भू खण्डों का विक्रय किया गया। और विकास अनुमति प्राप्त किये बिना तथा कालोनी वासियों को मिथ्या विज्ञापन के माध्यम से विकास का लालच देकर विकास कार्यों को पूर्ण न करते हुये मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखे जाकर भू खण्डों को विक्रय किये जाने का कार्य किया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि कालोनाईजर पदमावती डेवलपर्स के संचालक पंकज मालू की कालोनी में विकास करने की मंशा होती तो वह 11 वर्षों में कालोनी का विकास कर देता। किन्तु उनके द्वारा वैसा नहीं किया गया। एफआईआर में यह भी लिखा है कि बिना विकास अनुज्ञा तथा बिना मूलभूत सुविधाओं को पूर्ण किये बिना झूठा वार्दों का लालच देकर भू खण्डों का विक्रय कर 65 भू खण्ड धारको से धोखाधड़ी कर लाभ अर्जित किया है। तथा अवैध कालोनी का निर्माण किया है। संपूर्ण आवेदन के अवलोकन प्र कालोनाइजर पदमावती डेवलपर्स के संचालक पंकज मालू पिता पूरनलाल मालू निवासी बारापत्थर सिवनी के विरुद्ध्द अपराध धारा 420 भादवि., 61घ मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 का अपराध घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।


