बैंक मैनेजर और कैशियर पर लगे गंभीर आरोप
बैंक ऑफ महाराष्ट की शाखा खैररांजी का मामला
केवलारी( हिन्द शिला):-बैंकिंग सिस्टम भरोसे की बुनियाद पर संचालित हो रहा है।खातेदार और बैंक का रिश्ता इतना भरोसेमंद और मजबूत होता है कि खातेदार अपने खून-पसीने से कमाई जमा पूंजी बैंक के हवाले कर देता है ताकि वक्त पडने पर उसे उसकी जमा पूंजी उसके काम आ सके।लेकिन जब यह विश्वास डगमगाता है पूरा सिस्टम कटघरे पर खडा हो जाता है।जब खातेदार के साथ किसी भी प्रकार की कोई धोखाधड़ी या विश्वासघात होता है तो बैंक और बैंकिंग सिस्टम की साख दांव पर लग जाती है।
बैंक प्रबंधन के खिलाफ हुई गंभीर शिकायत
बैंक में अमानत में हुई खि़नायत का हैरान कर देने वाला मामला केवलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खैररांजी में सामने आया है।जहॉ एक खातेदार ने बैंक ऑफ महाराष्ट शाखा खैररांजी के बैंक मैनेजर और कैशियर गंभीर आरोप लगाए हैं।जिसको लेकर एक लिखित शिकायत खातेदार विपतलाल साहू निवासी खैररांजी द्वारा पुलिस थाना केवलारी में की गयी है। पीड़ित द्वारा एक शिकायत जनसुनवाई में की गई है।
क्या है पूरा मामला
उक्त लिखित शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आवेदक विपतलाल पिता नन्दलाल साहू ग्राम खैररांजी का निवासी है।आवेदक के बचत खाता क्रमांक 60174650918 बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा खैररांजी में है।जिसमें 22 मार्च 2023 को 79343 रू. जमा थे।23 जून 2023 को आवेदक रूपए निकालने बैंक गया तो पता चला कि खाते में मात्र 5466 रू शेष हैं। बैंक प्रबंधन द्वारा संतोषप्रद जवाब नहीं देने के बाद खातेदार(आवेदक) द्वारा बैंक स्टेटमेंट निकाला तो आवेदक के खाते से 22 मार्च 2023 को 20000रू ,23 मार्च 2023 को 20000रू ,27 मार्च 2023 को 20000रू. ,20 अप्रैल 2023 को 15500रू. की राशि अन्य खातेदारों के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।जबकि खातेदार उक्त दिनांक को बैंक गया ही नहीं और ना ही किसी प्रकार का विड्राल या एनईएफटी फार्म आवेदक द्वारा भरा गया अर्थात उक्त ट्रांजेक्शन आवेदक विपतलाल को बगैर जानकारी और अनुमति के हुए।
आवेदक लगातार बैंक जाकर आवेदन- निवेदन कर अपने पैसे वापस करने की मांग बैंक प्रबंधन से करता रहा किन्तु बैंक मैनेजर अभिषेक वर्मा और कैशियर तिवारी द्वारा संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया।कैशियर तिवारी द्वारा विपतलाल को धमकी दी गयी कि बार-बार बैंक आकर मुझे परेशान मत करो नहीं तो बैंक का कोई भी कागज फाडकर तुम्हें फंसवा दूंगा और जेल पहुंचवा दूंगा। अंततः परेशान होकर पीडित विपतलाल साहू द्वारा 05 अगस्त को पुलिस थाना केवलारी पहुंचकर बैंक प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत की गई।अपने आवेदन में आवेदक विपतलाल ने शंका जाहिर की है कि उसे शंका है कि कैशियर तिवारी ने ही उसके खाते ने पैसे अन्य खातों एनईएफटी कर गबन किया है।इस संबंध में आवेदक ने बैंक में भी आवेदन किया है और जनसुनवाई में भी इसकी शिकायत की गई है।
केवलारी पुलिस मामले की जॉच में जुटी
फिलहाल केवलारी पुलिस इस पूरे मामले में कुछ भी कहने से बच रही है ।आवेदक विपतलाल की शिकायत पर अब केवलारी पुलिस मामले की जॉच में जुट गयी है।दोनों पक्षों के बयान हो चुके हैं।प्राप्त जानकारी अनुसार शिकायत के बाद बैंक प्रबंधन द्वारा विपतलाल के खाते में पैसे जमा करवा दिए गए हैं जो उनके अपराध की तसदीक करता है कि आवेदक के खाते से पैसे निकाले या ट्रांसफर किए गए थे और महीनों बैंक के चक्कर लगाने के बाद खातेदार को पैसे वापस नहीं किए गए लेकिन पुलिस थाने में शिकायत होते ही पैसे उसके खाते में बैंक प्रबंधन द्वारा डाल दिए गए जो कई गंभीर सवाल खडा करता है।अगर केवलारी पुलिस सही तरीके से जॉच करती है तो विपतलाल के खाते की बैंक स्टेटमेंट कई राज़ खोल देगी।विपतलाल के खाते से जिन 4 खातों में विपतलाल की बिना जानकारी के पैसे एनईएफटी किए गए हैं उनकी डिटेल ,खातेदारों के नाम सामने आएंगे।इन 4 खातेदारों की डिटेल और बयान पूरे मामले की सच्चाई खोलकर रख देंगे और इस मामले की गंभीरता सामने आएगी।अब देखना यह है कि केवलारी पुलिस की जॉच में क्या तथ्य निकलकर सामने आते हैं और क्या कार्यवाही पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ की जाती है।

बैंक प्रबंधक और कैशियर को बचाने के लिए कई दबंग और दलाल टाइप के लोग सक्रिय हो गए हैं जो बैंक और थाने के आसपास भी मंडराते हुए नजर आए।आवेदक और उसके चाचा द्वारा मीडिया को बताया कि उसपर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है जिससे उनका पूरा परिवार काफी दहशत में हैं।मामले की गंभीरता को समझते हुए आवेदक और उसके चाचा ने केवलारी पुलिस के समक्ष 08 अगस्त को बयान देते हुए न्याय की गुहार लगाई व दोषियां के खिलाफ कडी कार्यवाही की मांग की है।


