सहायक आयुक्त अमर सिंह उईके के संरक्षण में प्रभारी प्राचार्य कर रहे फर्जी बाडा ?
घंसौर (हिन्द शिला)। अदिवावासी विकास खण्ड घंसौर के शासकीय उच्च. माध्यमिक विद्यालय कहानी में शिक्षा जैसे पवित्र मंदिर को कमाई और अपनी दुकान दारी का जरिया बनाकर मोटा माल पीटा जा रहा है। ज्ञात होवे की सामाजिक सांस्कृतिक आर्थिक, राजनीतिक एवं समाज में व्याप्त बिसमता को समाप्त करने के लिए शिक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है। इक्कीसवीं सदी में समाज के समग्र विकास के लिए एक ऐसी आबादी की आवश्यकता है जो अच्छी तरह से शिक्षित और कौशल, दृष्टिकोण और ज्ञान से सुसज्जित हो। न्यायपूर्ण और समतावादी समाज बनाने में, शिक्षा की प्रमुख भूमिका होती है। इसके बावजूद भी मध्यप्रदेश में आए दिन शिक्षा से जुड़े घोटाले एवं अनियमितताएं लगातार सामने आ रही है जो भाजपा की शिवराज सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं ,ऐसा ही एक ताजा मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिला अंतर्गत आने वाली तहसील घंसौर के कहानी से सामने आ रहा है जहां पर जिम्मेदारों द्वारा अतिथि शिक्षक भर्ती में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया जा रहा है। आपको पता नहीं कि शिकायतकर्ता के अनुसार अतिथि शिक्षक भर्ती के समय सर्वप्रथम संस्था को उस संबंध में निविदा का प्रकाशन अनिवार्य होता है, जबकी शासकीय उच्च. माध्यमिक विद्यालय कहानी (घंसौर) में शैक्षणिक सत्र 2023-24 में अतिथि शिक्षक वर्ग एक के रसायन विज्ञान के विषय के पाठन के लिए बगैर निविदा के प्रकाशन एवं चयन प्रक्रिया का पालन किए बगैर मिलीभगत अतिथि शिक्षक की नियुक्ति कर लिया ,जबकि विगत शैक्षणिक सत्र 2022-23 के पैनल के लोग अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। जब पुराने पैनल के लोगों के द्वारा प्राचार्य भीम सिंह गोल्हानी को बताया गया कि पुराने पैनल में हमारा नाम है जिसमे शैक्षणिक सत्र 2022-23 में दिनांक 22/7/2022 को प्राचार्य भरत शिवहरे के समक्ष प्रस्तुत किए गए आवेदन की पावती भी शिकायतकर्ता के पास उपल्ब्ध है। जब इस संबध में प्रभारी प्राचार्य से शिकायतकर्ता द्वारा जवाब मांगा गया तो जबाव था की कार्यालय ट्रायबल विभाग सिवनी से निविदा का प्रकाशन किया गया था। जिसके चलते अतिथि शिक्षक की नियुक्ति कर ली गई हैं औऱ जिसकी भर्ती की गई उसे 17 जुलाई से संस्था में बुलाया भी जाने लगा है। जिसकी जानकारी लगने के बाद पुराने पैनल के लोगो द्वारा 21जुलाई को cm हेल्पलाइन 181 में इनकी शिकायत की गई एवं सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके से भी कहानी के प्राचार्य भीम सिंह गोल्हानी के इस कृत्य शिकायत की गई जिसके बाद कहानी के प्राचार्य के द्वारा आनन-फानन में 25 जुलाई को अतिथि शिक्षक वर्ग 1 रसायन विज्ञान का विज्ञापन निकाल दिया गया लेकिन उसके बाद भी पुराने पैनल की न उन्होंने जांच की ओर न जानकारी लेना उचित समझा ! जिसकी जानकारी के लिए जागरूक लोगो के द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राचार्य भीम सिंह गोल्हानी से जानकारी मांगी गई कि विगत शैक्षणिक वर्ष 2020-21,21-22 के अतिथि शिक्षक भर्ती विज्ञापन एवं वरीयता सूची (पैनल)की प्रमाणित छाया प्रति प्रदान की जाए तो प्राचार्य भीम सिंह गोल्हानी ने गोल मटोल जवाब देते हुए बता दिया कि अभी प्रभार मेरे पास नहीं है और मैं एक माह से पहले यह जानकारी नहीं दे पाऊंगा



