एडवांटा कंपनी ने की किसानों के साथ धोखाधड़ी
अंकुरित नहीं हो रहा मक्के का बीच !
मिट्टी में मिली किसानों की खून पसीने की कमाई !
केवलारी क्षेत्र के हजारों किसानों को लगी अरबों रुपए की चपत, खाली पड़े हैं खेत !
केवलारी (हिन्द शिला)। जिले में वर्षा का क्रम रुकने के बाद किसानों ने विशेषकर मक्के की बोवनी का काम तेजी से आरंभ कर दिया है। लगभग 3 माह पूर्व से जिले भर के थोक व चिल्लर बीज खाद विक्रताओं ने विदेशी व देशी नामी कंपनियों के बीज का स्टॉक कर लिया था, कंपनी के सेल्स प्रमोशन के लिये पदस्थ कर्मियों ने गांव गांव जाकर प्रचार वाहन के माध्यम से किसानों के समक्ष दावा किया था कि उनकी कंपनी के बीज ज्यादा व समय पर अंकुरित हो जायेगे। करोड़ो रुपये प्रचार में खर्च करने वाली हैदराबाद की बीज निर्माण करने वाली कंपनी advanta ने इस वर्ष जिलेभर के विभिन्न खाद बीज विक्रेताओं के माध्यम से कंपनी ने मक्के के बीज 759, 741,751 जैसी अनेक किस्मों को विक्रय के लिये उपलब्ध कराया है। किसानों ने भी चिल्लर व थोक बीज व्यापारियों पर भरोसा रख advatna कंपनी के मक्के की बीज 741 का क्रय कर विधिवत अपने खेतों में उसकी बोवनी की । नगर परिषद केवलारी निवासी संदीप बघेल ने हमें बताया की 741 किस्म के मक्के की पैकिट की कीमत 1700 रुपये थी, जिसमें 4 किलो मक्का किसानों को दिया गया, यानी किसान को बीज प्रति किलो लभगग 400 रुपये में पड़ा, इसके बाद किसानों ने मजदूर एवं कृषि यंत्रों के माध्यम से 741 किस्म के बीज को अन्य भारी लागत व मेहनत से अपने अपने खेतों में बुआई करवाई तो उसके बीजों का अंकुरण लगभग आधे से भी कम हुआ जिसके बाद किसानों ने इसकी शिकायत विभिन्न बीज विक्रेताओं एवं
डीलरों से किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीलरों ने कुछ प्रभाव शील व राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं को विक्रय किये गए बीज के बदले नया बीज तो दिया है, लेकिन मध्यम व छोटे रकबे के किसान चिल्लर व्यपारियों के चक्कर लगा रहे है। हर वर्ष जिले में अमानक बीज व नकली खाद का व्यापार होता है, कृषि कल्याण विभाग समय समय पर कार्यवाही जरूर करता है लेकिन इस किस्म की कंपनी का बीज दिया जा नकली व अमानक खाद बीज के व्यापार पर पूरी तरह अंकुश नही है। कंपनियों के बीज बिना पक्के बिल के किसानों को विक्रय किये जा रहे है, जिसके कारण किसान बिना कोई सबूत के व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी नहीं कर पाता । क्षेत्र के अनेक किसानों का आरोप है कि एडवांटा नामक कंपनी ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की है , उनके खून पसीने की कमाई को मिट्टी में मिला दिया है, अनेक किसानों के खेत खाली पड़े हैं। इस पर किसानों की मांग है कि इस पर जिला प्रशासन को संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द न्याय उचित कार्रवाई करना चाहिए एवं किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाना चाहिए ।



