जनप्रतिनिधियों को छोड़ भाजपा के पदाधिकारियों का नाम हो रहा अंकित !
केवलारी (हिन्द शिला)। वैसे तो मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायत स्वतंत्र एजेंसी मानी जाती है, जो कि अपनी ग्राम पंचायत क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित नियमावली के अनुरूप अपने कार्य क्षेत्र में निर्माण कार्य एवं अन्य कार्यों के लिए आम सभा में समस्त पंचों की सहमति से ग्राम पंचायत अधिकृत होती है । ग्राम पंचायतों में हो रहे कार्यों की देखरेख के लिए संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय में नियुक्त विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी की भूमिका मध्य प्रदेश शासन के अनुसार तय होती है, संबंधित जिला पंचायत कार्यालय में कुछ बड़े कार्य की विधिवत अनुमति लेकर उन कार्यों को किया जाता है । जिनमें सुदूर सड़क योजना भी आती है । आपको बता दें कि भारत सरकार की मनरेगा योजना के तहत सुदूर संपर्क सड़क का निर्माण होता है जहां पर ग्राम पंचायत के सभी पंच, उपसरपंच एवं सरपंच आपस में मिलकर एक प्रस्ताव पास करते हैं एवं ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले जिन ग्रामों में जर्जर सड़क से ग्राम वासियों को आवागमन करने में भारी परेशानियां हो रही है, वह सड़क के निर्माण के लिए प्रस्ताव पास कर जनपद पंचायत कार्यालय के माध्यम से जिला पंचायत कार्यालय में निर्माण के लिए अनुमति मांगी जाती है जहां पर जिला पंचायत कार्यालय में नियुक्त संबंधित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर आवश्यकता होने पर सड़क का निर्माण के लिए अनुमति देकर राशि स्वीकृत कर दी जाती है ,जिसके निर्माण का जिम्मा पूर्ण रूप से संबंधित ग्राम पंचायत का होता है । इसमें नियमानुसार किसी भी क्षेत्रीय विधायक या सांसद का कोई सीधा दखल नहीं होता, हां यह क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि अपने लेटर पैड पर अनुशंसा कर सकते हैं, संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को समस्या से अवगत करा सकते हैं ।
क्या है मामला
दरअसल कल दिनांक 01/07/2023 को जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पुंगार में ग्राम पुंगार से पुंगार टोला की ओर लगभग 01 किलोमीटर सड़क का 21.74 लाख़ रुपयों से निर्माण होना है, जिसके भूमि पूजन पर लगे पटल पर भाजपा पदाधिकारियों के नाम भी अंकित किए गए हैं ! एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुलारी बाई कुमरे का नाम अंकित नहीं किया गया है ! जबकि हमारी जानकारी के मुताबिक नियमानुसार केवल भूमि पूजन के पटल पर केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नाम ही अंकित किए जा सकते हैं । क्योंकि यह कोई भी राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम ना होकर शासकीय कार्यक्रम होता है । अब इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य के समर्थको का कहना है कि उक्त ग्राम में निर्माण होने वाली सड़क के भूमि पूजन के पटल पर उनका नाम ना अंकित कर, भाजपा के पदाधिकारियों का नाम अंकित किया गया है, जो कि घोर निंदनीय है ! आदिवासी समाज का अपमान है ! इस पर जिला प्रशासन को त्वरित मामले को संज्ञान में लेकर संबंधितो के खिलाफ ठोस कार्रवाई की करना चाहिए एवं एवं पटल पर क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य का नाम अंकित करवाने का निर्देश जारी करना चाहिए ।
इनके नाम है अंकित
मुख्य अतिथि के रुप में क्षेत्रीय सांसद एवं भारत सरकार के इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, क्षेत्रीय भाजपा विधायक राकेश सिंह पाल । अध्यक्षता के रुप में जनपद पंचायत केवलारी के अध्यक्ष ठाकुर रणजीत सिंह ।
विशिष्ट अतिथि के रुप में केवलारी भाजपा मंडल के अध्यक्ष सचिन अवधिया ,भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष देवी सिंह बघेल, किसान मोर्चा के केवलारी मंडल अध्यक्ष जय सिंह राजपूत, केवलारी विधायक प्रतिनिधि सचिन राजपूत, क्षेत्रीय जनपद सदस्य मुकेश राजपूत, एवं बिहारी लाल दुबे उक्त ग्राम के भाजपा कार्यकर्ता ।
इसके बाद नीचे की तरफ उक्त ग्राम पंचायत के सरपंच, उप सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक के नाम अंकित किए गए हैं एवं पंच का केवल पद अंकित किया गया है, उनके नाम नहीं लिखे गए ।



