सिवनी (हिन्द शिला)। जैसा कि कल सात मई को सिवनी के पास उड़ेपानी ग्राम में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आगमन हुआ था। मंच संचालन और मंच की व्यवस्था में पूरा नियंत्रण और हस्तक्षेप कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजकुमार (पप्पू) खुराना का रहा था, सभा को संबोधन की बात करें तो मंच से सिर्फ 4 कांग्रेसी नेताओं के वक्तव्य हुए थे। सर्वप्रथम राजकुमार (पप्पू) खुराना का भाषण हुआ, उसके बाद बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया फिर केवलारी के पूर्व विधायक रजनीश सिंह ठाकुर के वक्तव्य हुए, उसके बाद सबसे आखिर में सभा का संबोधन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा हुआ है।

आपको बता दें कि इस समय देखा जाय तो सिवनी जिला में लालमाटी क्षेत्र जिसमें लगभग 100 गांव आते हैं, जहां के किसान लालमाटी किसान संघर्ष समिति के अंतर्गत नहर की मांग को लेकर विशेष रूप से प्रयासरत हैं। गांव गांव नहर कमेटी बनाई जा रही हैं, लाल माटी क्षेत्र के गांवो से नहर को लेकर ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पास किए जा रहे हैं। शासन प्रशासन को ज्ञापन दिया जा रहा है, यह मांग ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 20 अप्रैल को हुई केवलारी सभा में भी रखी गई थी। हालाकि प्रतित होता है उसमें शिवराज जी से बस किसानों के साथ हर बार की तरह इस बार भी सिर्फ मंच से लॉलीपॉप वाली घोषणा ही की गई है।
आश्चर्य जनक बात तो यह है की लालमाटी क्षेत्र के किसानों ने 5 अप्रैल को सिवनी पहुंचकर एक ज्ञापन के माध्यम से संपूर्ण विषय की जानकारी कांग्रेस कार्यालय में जाकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजकुमार (पप्पू) खुराना को भी दिए थे। बावजूद इसके आज उड़ेपानी में मंच से अपने भाषण में कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने लगभग 100 गांव वाले लालमाटी क्षेत्र के किसानों के प्रति घृणा और किसान विरोधीपूर्ण मानसिकता दिखाते हुए उनकी मांग के अपने उद्बोधन में एक भी शब्द के द्वारा जगह नहीं दिया। खुराना ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और जन समुदाय के समक्ष अपने भाषण में एक बार भी लालमाटी क्षैत्र वासियों की अहम मांग का उल्लेख नहीं किया। इस बात से क्षेत्र के किसानों में खासी नाराजगी सिवनी कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजकुमार खुराना के प्रति देखी जा सकती है। जबकि 5 अप्रैल को क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने आकर बड़ी उम्मीद से कांग्रेस कार्यालय में राजकुमार खुराना को ज्ञापन सौंपकर विषय से अवगत कराया था। इन परिस्थितियों से प्रतित होता है कि कांग्रेस या यूं कह ले कि सिवनी कांग्रेस जिलाध्यक्ष की मानसिकता किसान विरोधी है ।


